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बुधवार, 28 नवंबर 2018

मनुष्य जन्म में आने का उद्देश्य क्या है

परमात्मा ने सृष्टि की रचना करके इस चौरासी लाख योनियों में बांटा है! कई लाख प्रकार के वृक्ष, कई लाख प्रकार के कीड़े-पतंगे, कई लाख प्रकार के पक्षी,
कई लाख प्रकार के पानी की जीव, कई लाख प्रकार के पशु, कई लाख प्रकार के भूत-प्रेत, यक्ष, किन्नर, गंधर्व, देवी-देवता इंसान आदि! जो इस धरती पर है! हम अपने कर्मों के कारण इस चौरासी की जेल खाने में फंसे हुए हैं!

हमारी आत्मा परमात्मा से मिलकर ही इस जेल खाने से निकल सकती है! और परमात्मा हमें यह मनुष्य चोला केवल इसीलिए बक्सता है! कि हम उसकी भक्ति करके देह के बंधनों से छुटकारा प्राप्त कर सके!

मनुष्य जन्म के कई फायदे

अगर मनुष्य के चोले में आने का कोई लाभ है, तो सिर्फ यही है! इस चोले को यह फख्र या गौरव प्राप्त है, कि इसमें बैठकर परमात्मा से मिलाप किया जा सकता है! परमात्मा ने इंसान के जामे को सबसे ऊंचा रखा है! यही सीढी का आखिरी डंडा है! अगर कोई कोशिश करता है तो मकान की छत पर चले जाते है,यानी
मालिक से मिल जाते हैं! अगर पैर से चलता है तो सीधे नीचे चौरासी के जेल खाने में आ जाते हैं! इसीलिए संत महात्मा फरमाते हैं कि ज्यादा से ज्यादा इंसान को भजन सिमरन में समय बिताना चाहिए! यानी के हर रोज कम से कम ढाई घंटे भजन सिमरन करना चाहिए!

इंसानी चोला भी आपका साथ नहीं देता
यह इंसान का जामा परमात्मा ने हमें अपना काम करने के लिए बख्शा है! अपना काम वही है, जो हमें वापस ले जाकर परमात्मा से मिलाता है! वह काम परमात्मा की भक्ति है! यह दुनिया एक रात के सपने की तरह है! इसकी कोई असलियत नहीं है! इसे देखकर यह नहीं भूलना चाहिए, कि जो कुछ भी हम आंखों से देख रहे हैं! जमीन-जायदाद, धन-दौलत, रिश्तेदार और यहां तक कि हमारा शरीर भी एक दिन हमारा साथ छोड़ देगा! इसलिए आप उपदेश देते हैं कि इस अमूल्य अवसर से लाभ उठाओ और अपने आवागमन के चक्कर से छुटकारा पाओ! ज्यादा से ज्यादा भजन सुमिरन करें! परमात्मा में ध्यान लगाए! क्योंकि यही एक अवसर है! जिसके जरिए आप चौरासी के जेल खाने से छुटकारा पा सकते हैं!

                       || राधा स्वामी ||

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